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पिया मन्नै इक चरखा ल्यादे
पिया मन्नै इक चरखा ल्यादे मैं बी सूत बनाऊंगी , हो मेरे राम ।
चालीस गज का झालर आला दाम्मण एक सिमाऊंगी , हो मेरे राम ।
सीसां आली चमक चून्दड़ी खादी की मंगवाऊंगी , हो मेरे राम ।
हाथ में पाणे झंडा तिरंगा खादी आला ठाऊंगी , हो मेरे राम ।
पिया मन्नै इक चरखा ल्यादे मैं बी सूत बनाऊंगी , हो मेरे राम । | haryanvi-bgc |
अंगिका फेकड़ा
दहू भगवान गरदौआ झोॅर
बकरी भागतै जैबोॅ घोॅर ।
हम्में बाबू मचोल पर
लेद्धोॅ छौड़ा हेठ में ।
चान मामू चान मामू खुरपा देॅ ।
सेहो खुरपा कथी लेॅ ?
घसवा गढ़ावै लेॅ ।
सेहो घसवा कथी लेॅ ?
गइया खिलावै लेॅ ।
सेहो गइया कथी लेॅ ?
दहिया जमावै लेॅ ।
औंटल गेल , पौटल गेल
कोठी तर जनमायल गेल
जोरन आनै गेलाँ छी गोबर माखी ऐलाँ ... | angika-anp |
मेरा सुसरा बरजै हे बहू!
मेरा सुसरा बरजै हे बहू मत नौतो अपणा भैया ,
मेरा हीवड़े का जीवड़ा मिसरी का कूजा भैया ।
मेरा जेठा बरजै हे बहू मत नौतो अपणा भैया ,
मेरा हीवड़े का जीवड़ा मिसरी का कूजा भैया
देवर बरजै हे भाभी मत नौतो अपणा भैया ,
मेरा हीवड़े का जीवड़ा मिसरी का कूजा भैया
मेरा राजा बरजै हे गोरी मत नौतो अपणा भैया ,
मेरा ... | haryanvi-bgc |
ब्रह्मकौंल
तब भाभी मोतीमाला खोसी1 गए मोसी ,
गात की घाघुरी छोड़े लाज का मारा ।
तब सजाये वन रघुकण्ठी घोड़ी ,
चल भाभी मोतीमाला श्रवण2 द्वारिका
मेरो भैजी कृष्ण त्वै जागणू होलो ।
बाँठी छई वा भाभी मोतीमाला
हे लाडला बरमकौंल , मैं वचन बोलदू ,
विमला रौतेलो होलो , जादव जायो
जब तू चन्द्रागिरि जालो ।
मेरी भुली पत्थरमाला ब्याईक3 ला... | garhwali-gbm |
पांच बधावा म्हारे आविया मारूजी
पांच बधावा म्हारे आविया मारूजी
पांचां री नवीनवी भांत लसकरिया
दक्खन मत जावेजी , दक्खन की चाकरी या आकरी
निपट नरबदा रो घाट लसकरिया
थाने तो बाला लागे रोकड़ा मारूजी
म्हाने तो वाला लागो आप
पेलो बधावो म्हारे यां आवियो
भेजो ससराजी री पोल | malvi-mup |
विवाह गीत
वाण्या मा गुई ने घाघरों ते लाई ।
चुलि झुणि पेहरे वो नानी वो बेनी ।
पटवा मा गुई ने रिबिन लाई ।
तू झुणि गूथे वो नानी वो बेनी ।
पटवा मा गूई ने कांगसो ते लाई ।
तू झुणि चिचरे वो नानी वो बेनी ।
पटवा मा गूई ने चून्या ते लाई ।
तू झुणि बांथे वो नानी वो बेनी ।
सखी सासरे चली जायेगी , इस गुस्से में गीत गाया गया है ।
बनिय... | bhili-bhb |
मँड़वा बइठल बाबा, दुलरइता बाबा
मँड़वा बइठल बाबा , दुलरइता बाबा , चकमक मानिकदीप1 हे ।
कनेयादान के अवसर आवल , बराम्हन कयल हँकार2 हे ॥ 1 ॥
झाँपि झँूपि लवलन3 मइया दुलरइतिन मइया ,
रखल बाबा केर जाँघ हे ।
जब रे दुलरइता बाबा मुँहमा उघारल ,
साजन रहल निरेखि हे ॥ 2 ॥
का हथी4 सीता हे सुरुज के जोतिया ,
का हथी चान के जोत हे ।
अइसन5 ... | magahi-mag |
लोक गीत
नीलो सो नीलो काइ धुंधे राणी ।
हुर्या नी नीलो पांख धुंधे राणी ।
कालो चो कालो काइ धुंधे राणी ।
कागला नी पांखे वो धंुधे राणी ।
धवलो चो धवलो काइ धुंधे राणी ।
बगल्या नी धवलो पांख धंुधे राणी ।
धंुधा रानी को सम्बोधित कर गीत है । प्रश्नोत्तर के रूप में इस गीत में कहा गया
है कि नीलानीला क्या है ? उत्तर है तोते के पंख । ... | bhili-bhb |
सामन आयौ बहना मेरी रँगीला
सामन आयौ बहना मेरी रंगीला जी ,
एजी कोई आई हरियाली तीज ॥ 1 ॥
कारे पीरे बदरा लगत सुहावने जी ,
ऐजी कोई घटा उठी हैं घनघोर ॥ 2 ॥
बादल गरजे चमके बीजुरी जी ,
ऐजी कोई मोर करें बन शोर ॥ 3 ॥
नहनी 2 बुँदियाँ मेहा बरसते जी ,
ऐजी कोई पवन चलै झकझोर ॥ 4 ॥
कोयल कूके हरियल डार पैजी ,
ऐजी कोई दादुर कर रहे शोर ॥... | braj-bra |
416
जे तूं पोल कढावना नहीं आह ठूठा फकर दा चा भनाईए कयों
जे तैं कुआरियां यार हंढावना सी तां फिर मापयां कोलों छिपाईए कयों
खैर मंगीए ते भन्न देन कासा1 असीं आखदे मुंहों शरमाईए कयों
भरजाइयां नूं मेहना चाक दा सी यारी नाल बलोचदे लाईए कयों
बोती हो बलोचां दे हथ आईए जढ़ कुआर दी चा भनाईए कयों
वारस शाह जां आकबत2 खाक होना एथे अपनी ... | panjabi-pan |
कहा तक तोहे समझाऊ
कहा तक तोहे समझाऊ ,
रे मन म्हारा
१ हाथी होय तो शाकल मंगाऊ ,
पाव म जंजीर डलाऊ
लई हो मऊत थारा सिर पर डालू
दई . दई अकुंश चलाऊ . . . . . .
रे मन म्हारा . . .
२ लोहा होय तो ऐरण मंगाऊ ,
उपर धमण धमाऊ
लई रे हथौड़ी जाको पत्र मिलाऊ
जंतर तार चलाऊ . . .
रे मन म्हारा . . .
३ सोना होय तो सुहागी मंगाऊ ,
कयड़ा ताव तप... | nimadi-noe |
रंग डारो ना लला को अलकन में
रंग डारो ना लला को अलकन में ।
पर जैं है मुकुट की झलकन में ।
उड़त गुलाल लाल भये बादर ,
परत आँख की पलकन में ।
पकर पकर राधे मोहन खाँ ,
मलत अबीर कपोलन में ।
खेलत फाग परस पर ईसुर ,
राधे मोहन ललकन में । | bundeli-bns |
कहाँ के चँदवा कहाँ चलल जाय, मोरे परान हरी
कहाँ के चँदवा कहाँ चलल जाय , मोरे परान हरी ।
कहाँ के दुलहा गवन1 कयले जाय , मोरे परान हरी ॥ 1 ॥
पुरुब के चँदवा पछिम चलल जाय , मोर परान हरी ।
कवन पुर के दुलहा गवना कयले जाय , मोर परान हरी ॥ 2 ॥
सभवा बइठल बाबा मिनती2 करे , मोर परान हरी ।
दिन दस रहे देहु3 धियवा हमार , मोर परान हरी ... | magahi-mag |
नदिया किनारे जिरवा जलमि गेलइ
नदिया किनारे जिरवा जलमि1 गेलइ ।
फरे2 फूले लबधि3 गेलइ हे ॥ 1 ॥
घोड़वा चढ़ल आथिन4 दुलरइता दुलहा हे ।
उनकर पगड़ी अमोद5 बसे हे ॥ 2 ॥
ओतें6 सूतूँ , दुलरइता दुलहा हे ।
होइ जयतइ चुनरिया मइला हे ॥ 3 ॥
धोबिया जे धोबले7 जमुन दइ हे ।
सूखे8 देलकइ चनन गछिया हे ॥ 4 ॥
बाट जे पूछले बटोहिया भइया हे ।
केकर9 ... | magahi-mag |
278
जदों रंग पुर दी जूह जा वड़या भेडां चारे अयाल1 विच बार दे जी
नेड़े आनके जोगी नूं वेखदा ए जिवें नैन वेखन नैन यार दे जी
झस2 चोर ते चुगल दी जीभ वांगूं गुझे रहन ना दीदड़े यार दे जी
चोर यार ते ठगना रहन गुझे किथों छुपन एह आदमी कार दे जी
तुसीं केहड़े देस तों आए रमते सुखन दस खं खोल नरवार दे जी
हमीं लंकबासी चेले अगस्त मुनि द... | panjabi-pan |
518
हुकम हीर दा माउं तों लया सहती गल गिनी सू नाल सहेलियां दे
होइयां तयार दोवें ननान भाबी नाल चढ़े नी कटक अखेलियां दे
छडपासना तुरक बाजार चलो राह मार दे ने अठखेलियां दे
वारस शाह कसतूरी दे मिरग छुटे थइ पइआं शरीर मथेलिआं दे | panjabi-pan |
भैंसा सनक मनुसवा गे बहिनो
भैंसा सनक मनुसवा गे बहिनो
बजर सन गात हे ।
मोंछ रानू बँहिगा , सनसन आवे हे ।
जब तूँ आहे कोसिका हमो डुबइबे
आनब हम अस्सी मन कोदारि ।
अस्सी मन कोदरिया रे रानो ,
बेरासी मन बेंट
आगूआगू धसना धाय । । | angika-anp |
मैना वंती हो माता
मैना वंती हो माता ,
नीर भरयो वो थारा नैन म
१ क्यो बठ्यो रे बेटा अनमनो ,
आरे क्यो बठ्यो उदास
दल बादल सब चड़ी रया
बरसः आखण्ड धार . . .
नीर भरो थारा . . .
२ नही वो माता हाऊ अनमनो ,
आरे नही बठ्यो उदास
कोई कहे रे जब हाऊ कहूँ
करु सत्या हो नास . . .
नीर भरो थारा . . .
३ नही रे बादल नही बीजळई ,
आरे नही चलती र... | nimadi-noe |
गढ़ू सुम्याल (सुमरियाल)
ले मेरी जिया1 , मैं राणी आज लायूँ ,
आरुणी जंगल , जड़ी खाली बूटी ,
घास काटीक लाली , भैंसी मेरी चराली ,
तेरी सेवा करली माता , ब्वारी2 तेरी सुरमा
तबरी3 बिटैने4 तौंकी , होणीखाणी ह्वैगे
गढ़ू सुमन्याल , चैन की मुरली बजौन्द
अन्न का भण्डार ह्वैन , ऊँका धन का कोठारा ,
तौंक तई तै , आरुणी जंगल मा ही , सोनो... | garhwali-gbm |
हिंडोला कुँज वन डालो झूलन आईं राधिका प्यारी
हिंडोला कुँज वन डालो झूलन आईं राधिका प्यारी
कहे के खंभ लगवाए कहे की लगी डोरियाँ प्यारी
सोने के खंभ लगवाए रेशम लगी डोरियाँ प्यार
हिंडोला . . .
कहाँ से आये शयाम बनवारी कहाँ से आई राधिका प्यारी
गोकुल से आये बनवारी मथुरा आइ राधिका प्यारी
हिंडोला . . .
कि झोंका धीरे से दे ओ हमें द... | awadhi-awa |
रसना राम राम कह जारी
रसना राम राम कह जारी ,
कौन जात है हारी ।
जौ हरनाम सजीवन बूटी ,
खात बनै तो खारी ।
काँलों दिन उर रात सिखइये ,
बऔ जात बिरथाँरी ।
ईसुर हमना कोउ तुमाये
तैनाँ कोउ हमारी । | bundeli-bns |
सोन सन केश गे बुढ़िया कन सन दाँत हे
सोन सन केश गे बुढ़िया कन सन दाँत हे
ठेंगनि लागल बूढ़ी माय हे ।
खाय लेहु आरे शनू दही चूड़ा भोजन हे
पीवि लेहु गंगा जल नीर हे
चाढ़ि लेहू आरे रानू पाट केेर डोलिया हो ।
तब करू कोसी असनान हे ।
ककरा पर छोड़वै गे बुढ़िया बालक तिरिया हे
कैसे करबै कोसी असनान हे ।
भाई पर छोड़िह हे रानू अन्न धन ... | angika-anp |
सामण आया हे सखी सामण के दिन चार
सामण आया हे सखी सामण के दिन चार
उन के ते सामण के करै जिनके बुलद न बीज
तड़के ते जाँगी लक्खी बाप कै ल्याउंगी बुलद अर बीज
बुड्ढा ते दीन्हा ढांढिया बोदी तो दे दी जवार
हांक्या ना चाल्या बाबुल ढांढिया बोई ना जामी जवार
खूंटी ते बांधो बेटी ढांढिया कोठी ते घालो हे जवार
टग टग तै चाल्या बेटी ढांढिय... | haryanvi-bgc |
75
लायक होय के मामले दस देंदा मुनसिफ1 होए वढे फाहे फेड़यां दे
बाही घत के कहीं दी पार लावे हथों कढ देंदा खोज झेड़यां दे
धाड़ा धाड़ दी मोहर दवांवदा ए हुंद पांवदा विच बखेड़यां दे
सभा रही रहुंनी नूं सांभ लयावे अखीं विच रखे वांग हेड़यां2 दे
वारस शाह है शेर जवान रांझा पिछे पौंदा ए हाड़यां पेड़यां दे | panjabi-pan |
196
मेल मेल सयालां ने जंज आंदी लगीयां सौण1 शगन करावने नूं
घत सुरम सलाइयां देण गाल्हां अते खडुकने2 नाल खडावने नूं
भरी घढ़ी घड़ोली ते कुड़ी नहाती आइयां फेर नकाह पढ़ावने नूं
मौली नाल चा खिचया गभरू नूं रोढियां लगियां आन खुवावणे नूं | panjabi-pan |
ओहो चणे वाले रे गलियों में आ के सोर किआ
ओहो चणे वाले रे गलियों में आ के सोर किआ
बाबा बन्ने का बड़ा कमाऊ , भर भर थैली लाता है
दादी बन्ने की बड़ी चटोरी , भर भर डोने खाती है
चाटा पत्ता फेंक दिया रे , गलियों में आ के सोर किआ
आहो चणे वाले रे . . .
बापू बन्ने का बड़ा कमाऊ , भर भर थैली लाता है
अम्मा बन्ने की बड़ी चटोरी , भर भ... | haryanvi-bgc |
माना की माता बोलती मेरा माना आइये
तन्ने मारे बिराणे लाल
जहाज भर भर के
मैं किस पै करूं सिंगार
कालजा धड़के | haryanvi-bgc |
330
कोई असां जेहा वली सिध नाहीं नजर आंवदा जुग जहूर जिहा
दसतार रजवाड़यों1 खूब आवे अते बाफता2 नहीं कसूर जिहा
कशमीर जिहा कोई मुलक नाहीं नहीं चानना चंद दे नूर जिहा
अगे नजर दे मजा माशूक दा ए अते ढोल सुहांवदा दूर जिहा
नहीं रंन कुलकड़े दुध जेही नाही जलजला3 हशेर दे तूर जिहा
सहती जेडना होर झगड़ेल कोई अते सोहना होर ना हर जिहा
खे... | panjabi-pan |
दूर-दूर की म्हारी मोठी बईण तुखऽ लेणऽ कुण जासे
दूरदूर की म्हारी मोठी बईण तुखऽ लेणऽ कुण जासे ,
जासे हो म्हारो नानो भाई , घोड़ी कुदावतो लावसे ।
घोड़ा का टापुर वाज्या , बइण कहे कि म्हारो भाई आयो ,
पांयण पींजण को ठुमको वाज्यो ,
भाई कहे कि म्हारी बइण आई । | nimadi-noe |
308
इस पद्य में अलगअलग जातियों की औरतों के बारे में वारिस शाह बताता है ।
जिथे त्रिंजणां दे घुमकार पैंदे कतन बैठ के लख महरेटियां ने
खतरेटियां अते बमनेटियां ने तरसेटियां अते जटेटियां ने
लोहारियां लौंग सुपारियां ने सुंदर खेजना ते रंग रेटियां ने
अरोड़ियां मुशक विच बोड़ियां ने फुलयरियां छेल सुखरेटियां ने
मुनयारियां ते पखीवा... | panjabi-pan |
418
शाला कहर खुदाई दा पेश आवे ठूठा भन के लाड शंगारनी ए
लंक सुकीए रन्ने कलकड़े नी माड़ा वेख फकीर नूं मारनी ए
नाले मारनी ए नक चाढ़नी एं नाले हाल ही हाल पुकारनी ए
मरे हुकम देनाल तां सब कोई बिना हुकम दे खून गुजारनी ए
बुरा नाल जे बोल के बुरे होईए असीं बोलने हां तां तूं मारनी ए
ठूठा फेर दरुसत कर दे मेरा होर आख की सच नतारनी ए... | panjabi-pan |
आज होरिलवा के देखन चलूं
न्योछन
आज होरिलवा के देखन चलूं ।
आज होरिलवा के चूमन चलूँ ॥ 1 ॥
मोर होरिलवा हइ1 पुनियाँ2 के चनवा3 ।
अपन होरिलवा के खेलावँन4 चलूँ ॥ 2 ॥
राइ5 नोन6 लेके निहुँछन7 चलूँ ।
अपनअपन नजरी8 | magahi-mag |
अहिंसा परम धरम कहलाया
अहिंसा परम धरम कहलाया ।
तय तियाग का मारग दिखलाया । ।
सादा जीवन उच्च विचार ।
बेड़ा इस तै होवै पार । ।
गांधी बाब्बू का योह् नारा ।
देस नै लाग्या था अति पियारा । । | haryanvi-bgc |
265
कहे नाथ रंझेटया समझ भाई सिर चाहिए जोग भरेटड़ी1 नूं
अलख नाद वजाए के करे निहचा मेल आवना टुकड़ रोटड़ी नूं
असीं मुख अलूद ना झूठ होलां चार लयावना अपनी खोतड़ी नूं
वडी मां बराबरां जाणीए जी अते भैण बराबरां छोटड़ी नूं
जती सती नमाणया हो रहिये साबत रखना इस लंगोटड़ी नूं
वारस शाह मियां लै के छुरी कोई वढ दूर करीं इस बोटड़ी2 नूं | panjabi-pan |
गोचर हे नगर के बराम्हन, पोथिया बिचारहु हे
गोचर1 हे नगर के बराम्हन , पोथिया बिचारहु हे ।
आजु कन्हइया जी के मूँडन2 नेओता3 पेठाएब4 हे ॥
अरिजनि5 नेओतब , बरिजनि6 अउरो7 देआदिन8 लोग हे ।
नेओतब कुल परिवार , कन्हइयाजी के मूंड़न हे ॥ 2 ॥
काहे लागि रूसल9 गोतिया10 लोग , अउरो गोतिनी11 लोग हे ।
काहे लागि रूसले ननदिया , मँड़उआ12 नहीं... | magahi-mag |
विवाह -गीत - सोवत रहीं अटरिया झझक
सोवत रहीं अटरिया झझक उठ बैठीं
मईया केकरे दुआरे बाजन बाजे केकर होत है बियाह
मईया जे बेटी बुलावैं गोद बैईठावें
हसि कै बोलैं बेटी तोहरे दुआरियां बाजन बाजे तुहरहि होत है बियाह
नाही सीख्यौ मोरी मईया गुन ग्रस्थापन नाही सीख्यौ राम रसोय
सास ननद मोरा भैया गरियैहैं मोरे बूते सहयू न जाय
सिख लेहू ... | awadhi-awa |
237
साडी खैर है चाहुंदे खैर तेरी फेर लिखो हकीकतां सारियां जी
पाक रब्ब ते पीर दी मेहर बाझों कौन कटे मुसीबतां भारियां जी
मौजू चैधरी दा पुत चाक होके चूचक सयाल दीयां खोलयां1 चारियां जी
दगा देके आप चढ़ जान डोली चंचल हारियां एह कुआरियां जी
सप रसियां दे करन मार मंतर तारे देंदियां जे हेठ खारियां जी ,
पेके जटां नूं मार फकीर करक... | panjabi-pan |
कोन मा कोन डो पुग्या जा कोन पुग्या जा
कोन मा कोन डो पुग्या जा कोन पुग्या जा
कोन मा कोन डो पुग्या जा कोन पुग्या जा
कोन जा सोना जा कोन
कोन जा सोना जा कोन
सोना जा कोन के रेशमों झूडा डो बागे
सोना जा कोन के रेशमों झूडा डो बागे
रेशमा डोरा डो सालोनी नी
अचारेन परदा आऊगे
रेशमा डोरा डो सालोनी नी
अचारेन परदा आऊगे
स्रोत व्यक्ति सी... | korku-kfq |
सावां गीत
तारो माटी रामस्यो धवल्याधुरी मंगाया ।
खांड्यामेंड्या क्यांे लाया रे ।
बइल्या छोड़बइल्या छोड़ ढेड्या ।
तारो माटी रामस्यो चाउलचोखा मंगाया ।
टेमरा क्यों लायो रे ढेड्या ।
तारो माटी रामस्यो सकर मंगाड़ी ,
गूले क्यों लायो रे ढेड्या ।
तारो माटी रामस्यो घींवे मंगाइयो ।
तेले क्यों लायो रे ढेड्या ।
सावां लाने वाले से स्... | bhili-bhb |
कहमां बहै मैया कमलेश्वरी
कहमां बहै मैया कमलेश्वरी ,
कहमां बहै माता कोसिका ।
अलापूर बहै माता कमलेश्वरी ,
तिरहुत बहै माता कोसिका ।
दया करू माया करू
कोसिका माय , चंडालिनी
नगरक लोग करै छै किलोल । । | angika-anp |
गँगा रे अरार कवन बरूआ करे असनान
गँगा रे अरार1 कवन बरूआ2 करे असनान ।
करे असननियाँ रे बरूआ , निरखे3 आठो अँग4 ॥ 1 ॥
बिनु हो जनेउआ हो बाबा , ना सोभे कान ।
अप्पन जनेउआ हो बाबा हमरा के दऽ ॥ 2 ॥
हमरो जनेउआ हो बरूआ , भे गेल5 पुरान ।
तोहरो जनेउआ हो बरूआ , देबो बजना6 बजाए ॥ 3 ॥
गँगा के अरार कवन बरूआ करे असनान ।
करे असननियाँ रे ब... | magahi-mag |
आरे मिगना सियेन डो मिगना सियेन मिगना सियेन डो
आरे मिगना सियेन डो मिगना सियेन मिगना सियेन डो
कोयल बोले नदी किनारे मिगना मिगना डो
कोयल वाले मारे कोयल चिड़िया बोले वा डो
आयोम इयां मेड्डा नी डो जोरो माटे कोयला को डो
चिड़िया बोले वा डो आयोम कोयला चिड़िया बोले वा डो मारे
नदी किनारे मिगना सियेन डो मिगना सियेन डो
कोयेला बोले म... | korku-kfq |
ना छेड़री कामनी, कड़ जान दै विचारे खों
ना छेड़री कामनी , कड़ जान दै विचारे खों ,
गैल के चलइया खों बीच ना उतार लैं ।
जा बारी सी उमर में लंक में कलंक लगौं ,
थौरे से जीवन में पूरब तौ सुधार लै ।
जीवन दे जुआतन खों जोवन ना दिखारी ,
नैकें चल बेला , तन कंदेला सभारलै ।
कात व्दिज ‘ईसुर’ सुख सासरे खों राखिये ,
सबरौ मजा मान मायके ... | bundeli-bns |
सूरज कौंल (सूरज कुँवर)
एक दिन कुंवर त्वैक1 , राति का बीखैमा2 ,
नागू का सूरजू बाला , सुपीनो ह्वै गये ।
राति हैवै थोड़ा त्वीन , स्वोंणो जम्पे भौत ,
पौछिगे सूरजू , जैकी ताता लूहागढ़ ।
सुपीना मा देखे तिन राणी जोत माला ,
देख्याले सूरजू तिन , राणी को बंगला ।
जै राणी को होलो आज ठैठाई को रंग ,
सुतरी3 पलंग जैं को नेलू झमकार ।
क... | garhwali-gbm |
ढोला मारूनी दोनों बातां नी लागे
ढोला मारूनी दोनों बातां नी लागे
थारे पीहर में गोरी धन कौन पियारा
नींबू पाकन लागे ।
एक पियारा अपना बाबुल भी कहिये
दूजी तो पियारी मेरी लाड लडन्ती माय
एक पियारा मुझे अपना बीरन लागे
दूजी दुलारी हमें लाल भवजिया
नींबू पाकन लागे ।
इन रे बातों गोरी धन खारी भी लागी
देंगे तुम्हें मन से बिसार
फूल फ... | haryanvi-bgc |
कोरो घड़ियों बीरा पीली हल्दी
कोरो घड़ियों बीरा पीली हल्दी नौतण आई भातई
मेरे घर आइए बीरा मेरा मां का जाया मेरे घर बिरद उपाइये
क्योंकर आऊं मेरी मां की जाई ढैर खड़ी मेरी लावणी
ढैर जै बीरा मजूर खंदादे गाड़ी लगा दे ढोवणी
मेरे घर आइए बीरा मेरा मां का जाया मेरे घर बिरद उपाइए
क्यूंकर आऊं मेरी जामण जाई मेरे घर बालक रोवणा
बालक र... | haryanvi-bgc |
निहाली गीत
गड़ोगड़ो आइग्या , भाया ना साला हिजड़ा ने गधड़ा ॥
लदोलदो बस्या , भाया ना साला हिजड़ा ने गधड़ा ॥
टेघड़ा ने टेघड़ा भाले , भाया ना साला हिजड़ा ने गधड़ा ॥
माकड्या ने माकड्या भाले , भाया ना साला हिजड़ा ने गधड़ा ॥
वधू के घर महिलाएँ यह हास्य गीत गाती हैं
एकदम आ गये भाई के साले हिजड़े और गधे । आकर खटिया पर लद गये भाई... | bhili-bhb |
164
जे तूं सोहणी होयके बणें सौकन असीं इक थीं इक चढ़ंदियां हां
रब्ब जाणदा ए सभा उमर सारी असीं एस महबूब दियां बंदियां हां
असी एस के मगर दीवानियां हां भावें चंगियां ते भावें संदियां हां
उह असां दे नाल है चंद हुनदा असी खितीआं1 नाल सुहंदियां हां
उह मारदा गालियां दे सानूं असीं फेर मुड़ चौखने2 हुंदियां हां
जिस वेलड़े दा साथों... | panjabi-pan |
अन्त नी होय कोई आपणा
अन्त नी होय कोई आपणा ,
समझी लेवो रे मना भाई
१ आप निरंजन निरगुणा ,
आरे सिरगुणी तट ठाढा
यही रे माया के फंद में
नर आण लुभाणा . . .
अन्त नी . . .
२ कोट कठिन गड़ चैड़ना ,
आरे दुर है रे पयाला
घड़ियाल बाजत दो पहेर का
दुर देश को जाणा . . .
अन्त नी . . .
३ इस कल युग का हो रयणाँ ,
आरे कोई से भेद नी कहेणा
झिल... | nimadi-noe |
तुम भजन संभरि के गाना
गाना हो तुम भजन संभरि के गाना २
बावन अक्षर हैं ओलम के
इनके पास मतीं जाना
तीन लोक औ चौदह भुवन हैं
तिनके पार चले जाना
इनके भीतर जो तुम आये
पकरें दोऊ काना हो
तुम भजन संभरि के गाना . . . | braj-bra |
67
मैंनूं बाबले दी कसम रांझिया वे मरे मां जे तुध थीं मुख मोड़ां
तेरे बाझ तुआम1 हराम मैंनूं तुध बाझ ना नेण नाल नैण जोड़ां
खुआजा खिजर2 ते बैठके कसम खाधी थीवां सूर जे प्रीत दी रीत तोड़ां
कोहढ़ी होइके नैण प्राण जावन तेरे बाझ जे कौंत मैं होर लोड़ां | panjabi-pan |
भीम हरकतो आयो रे राजा
भीम हरकतो आयो रे राजा
गोकुल से लायो रे राजा . . . .
भीम हरकतो आयो रे राजा
१ पाँचई पांडव बैठीयाँ महेल म ,
बीच म कोतमा माय
पहला सगून तो हुआ रे मुझको
यदुपति दर्शन पायो रे राजा . . .
भीम . . .
२ बहुत प्रेम से पुछण लाग्यो ,
कैसे हो भीम भाई
जात सी तो भोजन पाया
मोये दियो विश्वास रे राजा . . .
भीम . . .
३... | nimadi-noe |
गौरीबाई
मिठउवा है ई कुआ कौ नीर ,
छाँयरी पीपर कौ गंभीर ,
मिटा ले तनिक घाम की पीर , ओ पानी पीले गैलारे ,
तनिक बैठ के तुम सुस्ता लेव , जानै फिर जा रे ।
क्वाँर कौ घामौ हे ,
औ सूरज सामौ है । ।
को ठाकुर तुम आए कितै सें , और तुम्हें काँ जानें ,
मोखाँ ऐसौ लगत , होव तुम जैसें जानैंमानैं ,
पसीना बैठौ बिलमा लेव ,
और दोदो बातें कर... | bundeli-bns |
मैया राणी! मसाणी सेढ मनाहीं सां
मैया राणी मसाणी सेढ मनाहीं सां
मैया जै मेरी परोब सीख तो मर कंडबारो धोकसां
मैया दरिया बहवै तेरे बार मलमल न्हाय सां
मैया किक्करियंा को बाग तेरे बार छांय बलाई सां
मैया काली सी कुत्ती तेरे बार टळूक गिराई सां
मैया काला सो गधो तेरे बार दाल चराई सां | haryanvi-bgc |
438
रांझा वांग ईमान शराबियां दे जुदा होयके पिंड थी बाहर रहया
नैनां तेरयां जट नूं कतल कीता चाक होय के खोलया चार रहया
अंत कन्न पड़वा फकीर होया घत मुंदरां विच उजाड़ रहया
ओहनूं वतन ना मिले तूं सतर खाने थक टुटके अंत नूं हार रहया
तैनूं चाक दी आखदा मुलक सारा एवें उसनूं मेहना मार रहया
शकरगंज मसऊद मैंदूद वांगूं ऊहना नफस1 दी हिर... | panjabi-pan |
नवमी गीत
१ .
हमरा शीतलऽ मइया बड़ दुलरी ,
मइया बड़ दुलरी मइया डोला चढ़ि आवेली हमार नगरी ।
जाउ हम जनतीं अइहें हमार नगरी जाउयदि
मइया डगर बहरतीं दहिनवें अंचरी ।
२ .
नीमिया के डाढ़ मइया गावेली हिंडोलवा कि झूलिझूलि ना ।
झूलतऽ झूलतऽ मइया के लगली पिअसिया कि चलि भइली ना
मलहोरिया दुआर , मइया चलि भइली ना
सुतल बाड़े कि जागल रे मलि... | bhojpuri-bho |
439
आकी हो बैठे असीं जोगीअड़े जाह ला लै जोर हो लावना ई
असी हुसन ते हो मगरूर बैठे चार चशम दा कटक लड़ावना ई
लख जोर तूं ला जे लावना ए असां बदीयों बाझ ना आवना ई
सुरमा अखियां दे विच पा के ते असां वडा घमंड दखावना ई
रुख देके यार पयारड़े नूं सैदा रांझे दे नाल लड़ावना ई
ठंडा होए बैठा सैदा वांग दहसर1 सोएन लंक नूं उस लुटावना ई
रा... | panjabi-pan |
फाग गीत
मोगरियां री टोपली बजारां माही चाली रे ॥
वाला थारी आंगली झन्नाटे चढ़गी रे ,
ढुलगी मोगरियां ।
हारे ढुलगी मोगरियां , वालाजी थोड़ी भेजी करजो रे ,
ढुलगी मोगरियां ।
प्रेयसी संगरी की टोकरी लेकर बाजार में बेचने के लिए निकली । रास्ते में प्रेमी ने टोकरी को पकड़ा तो टोकरी सिर से गिर गई और संेगरियाँ बिखर गईं । प्रेयसी प्र... | bhili-bhb |
रामलला नहछू
आदि सारदा गनपति गौरि मनाइय हो ।
रामलला कर नहछू गाइ सुनाइय हो । ।
जेहि गाये सिधि होय परम निधि पाइय हो ।
कोटि जनम कर पातक दूरि सो जाइय हो । । १ । ।
कोटिन्ह बाजन बाजहिं दसरथ के गृह हो ।
देवलोक सब देखहिं आनँद अति हिय हो । ।
नगर सोहावन लागत बरनि न जातै हो ।
कौसल्या के हर्ष न हृदय समातै हो । । २ । ।
आले हि बाँस क... | awadhi-awa |
दुराणी जिठानी बाबुल बोली हो मारैं
दुराणी जिठानी बाबुल बोली हो मारैं
के नरसी पत्थर ल्यावै हो राम
सास नणदी बोली हो मारैं
के नरसी तील पहरावै हो राम
देवर जेठ बोली हो मारैं
के नरसी मोहर ल्यावै हो राम
तेरा जमाई बोली हो मारै
के नरसी अरथां में आवै हो राम
काणी सी धोबण बोली हो मारै
के नरसी सुरमा ल्यावै हो राम
भेली कसार लेकर हरनन... | haryanvi-bgc |
बनड़े की घोड़ी बिदकै मेरा कलेजा धड़कै
बनड़े की घोड़ी बिदकै मेरा कलेजा धड़कै
सीस बने के सेहरा , लड़ियां से लाल लटकै
गले बने के तोड़ा , घूण्डी से लाल लटकै
हाथ बने के घड़ियां , कांगणे सै लाल लटकै
पैर बने के जूता , चलगत से लाल लटकै
हेठ बने के लीला , चाबुक से लाल लटकै
गैल बने के बनड़ी , जोड़ी से लाल लटकै | haryanvi-bgc |
133
किस्सा हीर नूं तुरत सहेलियां ने जा कन्न दे विच सुनाया ई
तैनूं मेहना चाक दा दे कैदो उस परहे विच शोर मचाया ई
बाग ढोल हराम शैतान देजी डंका विच बजार दे लाया ई
एह गल जे जाऊसी अज खाली तूं हीर क्यों नाम धराया ई
कर छडनी इसदे नाल ऐसी सुने देस जे कीतड़ा पाया ई
वारस शाह अपराधीयां रैहम नाहीं लंडे रिछ ने मामला चाया ई | panjabi-pan |
221
जदों गानड़े दे दिन पुज गये लसी मुंदरी खेडने आइयां ने
सैदा लाल पीड़े उते आन बैठा कुड़ियां वहुटड़ी पास बहाइयां ने
पकड़ हीर दे हथ परात पाए बाहां मुरदयां वांग पलमाइयां ने
वारस शाह मियां नैणां हीर दयां ने वांग बदला छैहबरां लाइयां ने | panjabi-pan |
मेरे नौं सहु दा कित मोल
मेरे नौं सहु दा कित मोल ।
मेरे नौं सहु दा कित मोल ।
अगले वल्ल दी खबर ना कोई , रह किताबाँ फोल ।
सच्चिआँ नूँ पै वज्जण पौले , झूठिआँ करन कलोल ।
चंग चँगेरे पर परेरे , असीं आइआँ सी अनमोल ।
बुल्ला शाह जे बोलांगा , हुण कौण सुणे मेरे बोल ?
मेरे नौं सहु दा कित मोल ।
मेरे नौं सहु दा कित मोल । | panjabi-pan |
कोसिका-कोसिका पुकारै
कोसिकाकोसिका पुकारै
कोसिका मैया लोभीत हे
अबरो के लहरा समेटोॅ
कोसिका मैया लोभीत हे
हम्में कैसे लहर समेटवै ,
ऐलै मुख्य भादो हे
सातो बहिन झूमर खेलबै ,
आँठमें बरेला भैया हे
गंगागंगा पुकरौं , गंगा मैया लोभीत हे
अबरो के लहरा समेटोॅ , गंगा मैया लोभीत हे
हम्में कैसे लहरा समेटवै , ऐलै मुख्य भादो हे
सातो बहि... | angika-anp |
ऊपरां बादलिड़ा ऊपरां क्यूं जा
ऊपरां बादलिड़ा ऊपरां क्यूं जा
बरसै तै क्यूं ना हे म्हारे देस
छन में पालिड़ा धूलम धूल
छन में तो भर दे जोहड़ डाबड़ा
सूता रे पालिड़ा रूखा की छां
खेत उजाड़ा मेरे बाप का
ह्यो रे पालिड़ा तेरेड़ी रांड
खेत उजाड़ा मेरे बाप का
मत दे हे सुन्दर मन्नै तैं गाल
तेरे सरीकी म्हारै बी गोरड़ी
आइये हे सुन्दर ... | haryanvi-bgc |
तोरो जरा हुक्म मिल जाये सास
तोरो जरा हुक्म मिल जाये सास जै भात न्यूतने जाऊंगी
जूनागढ़ के बीच में मेरे बाबल सेठ कहावें
देवर जेठानी सब न्यूं कहे बिन भात ना ब्याह सुहावे
अरी क्यों भारत न्योतणे जावे बहुवल तेरो बाप भिखारी
घर घर का भिखमंगा क्या भात भरेगा नंगा
तेरी संग भिखारिण मां है और भीख मांग कर खा है
अरी ओ टोटे में लाचार ... | haryanvi-bgc |
इनी सिन्दोरी जाटी माडो हीरा मोगरा रानी मारे
इनी सिन्दोरी जाटी माडो हीरा मोगरा रानी मारे
इनी सिन्दोरी जाटी माडो हीरा मोगरा रानी मारे
चौकी न सिन्दोरी जाटी मा डो हीरा मोगेरा रानी मारे
चौकी न सिन्दोरी जाटी मा डो हीरा मोगेरा रानी मारे
आन टुगान आवेसे सेनेवा जा हीरा मोगेरा राजा मारे
आन टुगान आवेसे सेनेवा जा हीरा मोगेरा राजा म... | korku-kfq |
रेंगोली डो बारे रेंगोली डो बारे रेंगोली इंजकेन भरदुम
रेंगोली डो बारे रेंगोली डो बारे रेंगोली इंजकेन भरदुम
रेंगोली डो बारे रेंगोली डो बारे रेंगोली इंजकेन भरदुम
कोन डोके कौन कौन विजा रेंगोली
कोन डोके कौन कौन विजा रेंगोली
रेंगोली डो बारे रेंगोली डो बारे रेंगोली इंजकेन भरदुम
रेंगोली डो बारे रेंगोली डो बारे रेंगोली इंजकेन भ... | korku-kfq |
आयो मैंना चैत को, हे दीखो हे राम
आयो मैंना चैत को , हे दीखो1 हे राम ।
उठिक फुलारी झुसमुस2 , लगी गैना निज काम ॥
मास आय वैशाख को , सुणली पतिव्रता खास ।
ग्यूँ जौ का पूलों मुड़े , कमर पड़ी गये झास ॥
आयो मैना जेठ को , भक्का3 हैगे मौत ।
स्वामिका नी होणते , समझि रयूं मैं मौत ॥
मास पैलो बसगाल को , आयो अब आषाढ़ ।
मैं पापिणि झुर... | garhwali-gbm |
111
सिर बेटियां दे चा जुदा करदे जदों गुस्सयां ते बाप आंवदे नी
सिर वढके नदी विच रोहड़ दें दे मास कां कुते बिले खांवदे नी
समी जान जलाली ने रोहड़ दिती कई डूम1 ढाडी पए गांवदे नी
औलाद जेहड़ी आखे ना लगे मापे उसनूं मार मुकांवदे नी
जदों कहर ते आंवदे बाप जालम बन्ह बेटियां भोरे पांवदे नी
वारस शाह जे मारिये बदां तांई देवे खून ना ... | panjabi-pan |
65
हथ बधड़ी रहां गुलाम तेरी सने त्रिंजणी नाल सहेलियां दे
होसन नित बहार दे रंग गूहड़े विच बेलयां देनाल बेलियां दे
सानूं रब्ब ने यार मिला दिता भुल गये पयार अलबेलियां दे
दिहें बेलियां दे विच करीं मौजां राती खेडसां विच हवेलियां दे | panjabi-pan |
घर घर लन्दन मेमां रोवैं
घर घर लन्दन मेमां रोवैं ।
गांधी बन गिया गले का हार ।
सरकार खड़ी सै घुटने टेके ।
थोथे उस के बाजैं हथियार ।
हाहाकार मचे लन्दन में ।
भैणा अब रूठ गये करतार । । | haryanvi-bgc |
मन्नै भावें कराले के बेर रुपये सेर, मेरा री मन बेरां नै
मन्नै भावें कराले के बेर रुपये सेर , मेरा री मन बेरां नै ।
मन्नै सुसरा घाल्या री लेण ने , वोह तो चौधर आया जितवाए ,
कराले के बाग में ।
मन्नै जेठा घाल्या री लेण ने , वोह् तो घोड़ी आया जितवाए ,
कराले के बाग में ।
मन्नै देवर घाल्या री लेण ने , वोह तो खुलिया आया जितवाए... | haryanvi-bgc |
चंदा थारी चांदणी सी रात
चंदा थारी चांदणी सी रात
झालीजी रमवा नीकल्याजी म्हारा राज
रम्याखेल्या घड़ी दोयचार
ससराजी आणे आवियाजी म्हारा राज
चालो बऊ बड़ , चालो मोटा घर की नार
छोटा घर की धीमड़ी जी म्हारा राज
जेठजी आणे आवियाजी म्हारा राज
चालो बऊ बड़ , चालो मोटा घर की नार
मारूजी आणे आविया जी म्हारा राज मा
चालो भाभीसा , चालो मोट... | malvi-mup |
महलां तै बैठी तेरी माता झरुवै
महलां तै बैठी तेरी माता झरुवै , देख जेठानी का पूत
जाहर एक घरूं घर आ
सासरै तेरी बेबे रे झरुवे देख जेठानी का बीर
जाहर एक घरूं घर आ
पीहर में तेरी गोरी झरुवै देख भाणका नाथ
जाहर एक घरूं घर आ
सातैं ने आऊं ना मैं आठैं ने आऊं आऊं नवमी की रात
जाहर एक घरूं घर आ
धड़ धड़ धरती पाट के सुध लीलै गया समाय
... | haryanvi-bgc |
आयो-आयो चैतडल्या रो मास जी
आयोआयो चैतडल्या रो मास जी ,
जँवारा जतन कर राखज्यो जी । ईसरदासजी पेचडल्या मेँ टाँक सी जी ,
जँवारा जतन कर राखज्यो जी । बहू ओ गोराँदे रे चुडले रे माँय जी ,
जँवारा जतन कर राखज्यो जी बेटा जी पेचडल्या मेँ टाँक सी जी ,
जँवारा जतन कर राखज्यो जी । बहू रे चुडले रे माँय जी ,
जँवारा जतन कर राखज्यो जी । | nimadi-noe |
पहले पहर को सपनो सुनो मोरी सासो जी महाराज
पहले पहर को सपनो , सुनो मोरी सासो जी महाराज ।
राम लखन दोऊ भइया , अंगन बिच तप करें महाराज ।
ननदी लयें बेला भर तेल , सांतिया लिख रही महाराज ।
भौजी बैठी मांझ मंझौटे , हार नौने गुह रही महाराज ।
इतने में आ गई बारी ननदी , विहंस के बोलिये महाराज ।
भौजी हुए लालन तुम्हारे , हार हम लै लै... | bundeli-bns |
399
सहती आखया उठ खेल बांदी खैर पा फकीर नूं कडीए नी
आटा घतके ते देईए बुक चीनी विचों अलख फसाद दी वढीए नी
देह भिछया वेहड़यों कढ आईए होड़ा विच बरूहां दे गडीए नी
अमां आवे ते भाबी तों वख होईए साथ ऊठ बलद दा छडीए नी
जेहड़ा आकड़ां पया वखांवदा ए जरा वेहड़यों एसनूं कढीए नी
वारस शाह देनाल दो हथ करीए अनी उठ तंू सार दीए हडीए नी | panjabi-pan |
काटा बान डो खोबा बान जा भगवान
काटा बान डो खोबा बान जा भगवान
काटा बान डो खोबा बान जा भगवान
इयां माई डो इयां बा नी चोजा ये ऐन डो
इयां माई डो इयां बा नी चोजा ये ऐन डो
झाडी जा बान राडी बान डो झाडी बान
झाडी जा बान राडी बान डो झाडी बान
इयां माई इयां बा नी चोजा ये ऐन डो
इयां माई इयां बा नी चोजा ये ऐन डो
ऐ भगवान जा ये भगवान ईन... | korku-kfq |
14
रांझा जौतरा वाह के थक रिहा लाह अरलियां छाउं नूं आंवदा ए
भता आन के भाबी ने कोल धरया हाल आपना रो विखांवदा ए
छाले पये ते हथ ते पैर फुटे सानूं वाही दा कम ना आंवदा ए
भाबी आखया लाडला बाप दा सैं अते खरा प्यारड़ा माउंदा ए | panjabi-pan |
575
रब्ब फज़ल1 कीता राजे अदल2 कीता दिता यार नूं यार मिलाय मियां
उहना मुढ कदीम दी दोसती सी जाो रब्ब रसूल खुदाय मियां
हीर खोहके रांझे दे हथ दिती कीती जोगी ने खैर दुआय मियां
रांझे हथ उठा दुआ कीती अला पाक दी सिफत3 सुनाय मियां
तेरे हुकम ते मुलक विच खैर होवे तेरी दूर होवे कुल बलाय मियां
अन्न धन्न ते लछमी मलक दौलत नित होवसी द... | panjabi-pan |
400
बांदी हो गुसे चुप हो रही बुक चीने दा चा उलेरया सू
धरोही रब्ब दी खैर लै जा चाका हाल हाल कर पलुड़ा1 फेरया सू
बांदी लाड दे नाल चवा2 करके धका दे के नाथ नूं रढ़या सू
लैके खपरा3 चोबरा जाह विचों उस सुतड़े नाग नूं छेड़या सू
दे के छिबी4 गल विच पशम पटी हथ जोगी दे मुंह ते फेरया सू
वारस शाह फरंग5 दे बाग बड़के उस कला दे खूह नूं... | panjabi-pan |
खेतन की बहा
का कहिए खेतन की बहार ,
मन होत मगन सोभा निहार ,
बलिहारी पिरथीपुत्रन की जुन रकतपसीना रहे गार ।
नाठरकुनकुट गुलजार करत
ऊ पुरसारथ की बलिहारी ,
कंचन के झुमका उठाउठा
जै बोल रही क्यारीक्यारी ,
ककरीले काबर की काया बन जात मार , बिलसत कछार ।
मिहनत की महिमा है अपार ,
छुनछुना उठत सन कौ गहनां
टिलवा के ऊँचे मूँड़ा पै ,
मु... | bundeli-bns |
बालेमा बालेमा बालेमा जा
बालेमा बालेमा बालेमा जा
बालेमा बालेमा बालेमा जा
बालेमा जा सिलसिल पाटा नाइयो जा बालमा रे
बालेमा जा सिलसिल पाटा नाइयो जा बालमा रे
बालेमा सिर जगह सिर सोटकेन जा बालमा रे
बालेमा सिर जगह सिर सोटकेन जा बालमा रे
बालेमा जा सिलसिल पाटा नाइयो जा बालमा रे
बालेमा जा सिलसिल पाटा नाइयो जा बालमा रे
स्रोत व्यक्त... | korku-kfq |
282
सत जनम दे हमी फकीर जोगी नहीं नाल जहान दे सीर मियां
असां खेलियां खपरां नाल वरतन भीख पाय के पाईए वहीर मियां
भला चाहें ना चाक बना सानूं असीं फकर हां जाहरा पीर मियां
नाम मेहरियां दे सानूं डरन आवे रांझा कौन ते केहड़ा हीर मियां
जटा चाक बनाए तूं जोगियां नूं एहो जा आवे सिटूं चीर मियां
जती सती हां हथ दे जोग पूरे सत पीड़ीए ज... | panjabi-pan |
मैं ना जीओं बिनु राम
मैं ना जीओं बिनु राम हो जननी , मैं ना जिओं बिनु राम ।
राम जइहें संग हमहु जाएब ,
अवध अइहें कवन काम जननी हो , मैं ना जीओं बिनु राम ।
राम लखन दुनो वन के गवनकिन ,
नृपति गयो सुरधाम , मैं न जीओं बिनु राम ।
भूख लगी तहाँ भोजन बनैहों , प्यास लगी तहँ पानी
नींद लगी तहँ सेज लगैहों , चरण दबैहों सुबहसाम ,
मैं न ... | bhojpuri-bho |
डा डा डारोमेन चना न की डाड़ी डोबाई
डा डा डारोमेन चना न की डाड़ी डोबाई
डा डा डारोमेन चना न की डाड़ी डोबाई
डा डा डारोमेन चना न की डाड़ी डोबाई
डा डा डारोमेन चना न की डाड़ी डोबाई
आदि रात कोयल बोले डोबाई
आदि रात कोयल बोले डोबाई
आदि रात कोयल बोले डोबाई
पछी रात मुरगा ना बोले
पछी रात मुरगा ना बोले
स्रोत व्यक्ति शांति , ग्राम म... | korku-kfq |
तरइयाँ भींज चलीं
नइँ आए , सजनि भरतार , तरइयाँ भींज चलीं ।
गए सजबन के जुद्ध लरन खों ,
अभय अजयगढ़ बिजय करन खों ,
अभिमानिन के मान दरन खों ,
बाँद कमर तरवार ; तरइयाँ भींज चलीं ।
सजन हमाए समर जुझारू ,
धरत कभउँ नइँ पावँ निछारू ,
अरिअन पै जब होत उतारू ,
करत बार पै बार ; तरइयाँ भींज चलीं ।
बदरा उठतइ लखे धुँआँ के ,
सुँनत रई घनघो... | bundeli-bns |
कहमाँ से बेटा आएल रे टोनमा
कहमाँ से बेटा आएल रे टोनमा ।
केकर1 गली आइ भरमल2 रे टोनमा ॥ 1 ॥
पटना सहरवा से अयलूँ रे टोनमा ।
ससुरा गलियवा3 में भरमलूँ रे टोनमा ।
बाबा , हम ही एकलउता4 बेटा रे टोनमा ॥ 3 ॥ | magahi-mag |
दुखः सुखः मन म नी लावणा
दुखः सुखः मन म नी लावणा ,
आरे रघुनाथ नी घड़ीया
१ हरिशचँद्र सरीका हो राजवई ,
जीन घर तारावंती राणी
अपणा सत् का हो कारणा
भर नीच घर पाणी . . .
दुखः सुखः मन . . .
२ नल भऊ सरीका हो राजवई ,
जीन घर दमवंती राणी
अपणा सत् का हो कारणा
मील अन्न नही पाणी . . .
दुखः सुखः मन . . .
३ द्रोपती सरीकी हो महासती ,
जी... | nimadi-noe |
हाय हाय हे बागां की कोकिल
हाय हाय हे बागां की कोकिल
आंख नींबू की फांक
बच्ची सोने की चिड़िया
हाय हाय बच्ची सोने की चिड़िया
मूंगफली सी आंगूली
नाक सुए की चोंच
होठ पीपल के पात से
किन तेरी बांधी अर्थी
बच्ची सोने की चिड़िया
हाय हाय बच्ची सोने की चिड़िया
किन तेरी चिंता चिनाई
कन्तै चिता चिनाई
घर तें क्यों कर निकली
फिर कब आवेंग... | haryanvi-bgc |
केही केरे सिर सोहे सोने क छतुरिया
केही केरे सिर सोहे सोने क छतुरिया , केहिया सिर ना
रामा ढुरेला पसीनवा केहिया सिर ना
राम जी के सिर सोहै सोने क छतुरिया , लखन सिर ना
रामा ढुरेला पसीनवा लखन सिर ना
सीता आवो मोरे देवरा अंगन मोरे बैठो , के मैं पोंछी देउ ना
तोहरे सिर का पसीनवा मै पोंछि देउ ना
लक्ष्मण सिर का पसीनवा तु जनि पोंछ... | awadhi-awa |
अरी ए लाड़ो अब ना जइहों
अरी ए लाड़ो1 अब ना जइहों , तेरा टीका2 अजब अनमोल ।
माँगे लाड़ो के टीका सोभे , मोतिया लागे हीरे लाल ।
ए गोरी अब ना जइहों , तेरा टीका अजब अनमोल ॥ 1 ॥
नाके लाड़ो के बेसर3 सोभे , चुनिया4 लागे हीरे लाल ,
चुनिया अजब बहार ।
ए लाड़ो अब ना जइहों , तेरा टीका बड़ा अनमोल ॥ 2 ॥
काने5 लाड़ो के बाली6 सोभे , झुम... | magahi-mag |
भाई
ऊँचो माळो रे कमल भाई रे ,
टोंगल्यो बूडन्ती ज्वार । ।
काचा रे सूत की कमल भाई की गोफण ,
सुशीला होर्या टोवण जाई । ।
हरमीधरमी का होर्या उड़ी जाजो ,
न पापी को खाजो सगळो खेत । ।
गीत गाने वाली ने स्वयं के भाई के नाम से गाया है कि भाई का महल ऊँचा है , ज्वार घुटने के ऊपर है । कच्चे सूत की भाई की गोफन बनाई हुई है । सुशीला भा... | bhili-bhb |
तू कति चूमण छै!
तू कति चूमण छै
सर बियाँरा1 क्या धरे बौ2 हे ।
त्यरा दादू3 क रोटी धरे ।
खंडकि4 तोड़िक मैं दियाल वौ हे
छीः तू कति मंगणया छै ।
छीः तु कति चूमण5 छै ।
सर बियांरा क्या धरे बौ हे
तेरा दादूक बुखणा , धरेन
एक खौंकाल6 मैं दियाल बौ हे
छीः तू कति मंगण्या छै
छीः तू कति निदऊ7 छै
सर जटोली8 क्या करे बौ हे
तेरा दादून नर्य... | garhwali-gbm |
बिन मिलती जोट मिलाई
बिन मिलती जोट मिलाई
मरियो मात पिता अन्यायी बिन मिलती जोट मिलाई
देस बिराणा बालम याणा जानें ना सार हमारी
ऊंट के गल में बूट बांध दिया खारी खारी खारी
मरियेा मात पिता अन्यायी बिन मिलती जोट मिलाई | haryanvi-bgc |
सासू म्हारी आवै
सासू म्हारी आवै
दिवला जगाई मांगे
दे द्यो नै उनका बी नेग
जी म्हारे भोले राजा
कान्यां तै पतले राजा
फूलयां तै हलके राजा
मोती तै उजले राजा ।
जिठाणी म्हारी आवै
पिलंग बिछाई मांगे
दे द्यो नै उनका बी नेग
जी म्हारे भोले राजा
कान्यां तै . . .
नणदल म्हारी आवै
चूची धुआई मांगे
दे द्यो नै उनका बी नेग
जी म्हारे भोले र... | haryanvi-bgc |
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मिली राह विच दौड़के जा नढी पहले नाल फरेब दे चटया सू
नेड़े आणके शीहनी दे वांग गज्जी अखीं रोह दा नीर पलटया सू
सिरों लाह टोपी गलों तोड़ सेहला लकों चाइके जिमीं ते सटया सू
पकड़ जिमीं ते मारिया नाल गुसे धोबी पटड़े ते खेस छटया सू
वारस शाह फरिशतियां अरश1 उतों शैतान नूं जिमीं ते सटया सू | panjabi-pan |
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मही टुरन ना बाझ रंझेटड़े दे भूहे होइके पिंड भजायो ने
धौन चाइके बूथियां उतांह करके शोर घाट ते धुम्मला लायो ने
मार चुंगियां लोकां नूं ढुंढ़ मारनभांडे भन्न के शोर घतायो ने
लोकां आखया रांझे दी करो मिंनत पैर चुमके आन जगायो ने
चशमां पैर दी खाक दा ला मथे वांग सेवकां सखी मनायो ने
भड़थू मारयो ने दवाले रांझने दे लाल वेग दा थ... | panjabi-pan |
Subsets and Splits
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